वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति में BRICS एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा है। यह पांच प्रमुख विकासशील देशों का गठबंधन है जो विश्व की 40% से अधिक जनसंख्या और लगभग 25% GDP का प्रतिनिधित्व करता है। UPSC, SSC, IBPS, बैंक परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में BRICS से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
📌 BRICS का पूरा नाम (Full Form)
BRICS पांच देशों के नाम के प्रथम अक्षरों से मिलकर बना है:
- B – Brazil (ब्राज़ील) - लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
- R – Russia (रूस) - विश्व का सबसे बड़ा देश और ऊर्जा महाशक्ति
- I – India (भारत) - तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और जनसंख्या में विश्व में प्रथम
- C – China (चीन) - विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
- S – South Africa (दक्षिण अफ्रीका) - अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करने वाला देश
🕰 BRICS का इतिहास
BRICS की स्थापना एक क्रमिक प्रक्रिया थी:
- 2001: गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने पहली बार "BRIC" शब्द का प्रयोग किया
- 2006: न्यूयॉर्क में पहली अनौपचारिक बैठक
- 2009: रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला आधिकारिक BRIC शिखर सम्मेलन
- 2010: दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद BRIC से BRICS बना
- 2014: New Development Bank (NDB) की स्थापना
- 2024-2026: नए सदस्य देशों की चर्चा और विस्तार की योजना
🎯 BRICS के मुख्य उद्देश्य
BRICS संगठन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
40%
विश्व जनसंख्या
25%
वैश्विक GDP
5
मुख्य सदस्य देश
2009
स्थापना वर्ष
- आर्थिक सहयोग: व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देना
- वैश्विक प्रशासन में सुधार: IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में विकासशील देशों की आवाज़ मजबूत करना
- राजनीतिक समन्वय: अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर समन्वित दृष्टिकोण विकसित करना
- विकास वित्तपोषण: बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक वित्तपोषण तंत्र
- दक्षिण-दक्षिण सहयोग: विकासशील देशों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना
🏦 New Development Bank (NDB)
BRICS का प्रमुख वित्तीय संस्थान
New Development Bank (NDB) की स्थापना 2014 में फोर्टालेजा, ब्राजील में हुई थी। यह विश्व बैंक और IMF का एक विकल्प प्रस्तुत करता है।
- मुख्यालय: शंघाई, चीन
- प्रारंभिक पूंजी: 100 बिलियन डॉलर
- उद्देश्य: बुनियादी ढांचे और सतत विकास परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण
- महत्व: विकासशील देशों को पश्चिमी वित्तीय संस्थानों पर निर्भरता कम करने में मदद
- भारत में परियोजनाएं: नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी परिवहन, जल आपूर्ति आदि
🇮🇳 BRICS में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका
भारत BRICS का एक सक्रिय और प्रभावशाली सदस्य है। 2026 में भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है:
- डिजिटल नेतृत्व: डिजिटल इंडिया पहल के माध्यम से तकनीकी सहयोग
- फार्मा सेक्टर: "विश्व की फार्मेसी" के रूप में स्वास्थ्य सहयोग
- अक्षय ऊर्जा: सौर ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई में अग्रणी
- शांति और सुरक्षा: वैश्विक शांति प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान
- बहुपक्षवाद: समावेशी विश्व व्यवस्था का समर्थन
- व्यापार केंद्र: BRICS देशों के बीच व्यापार संतुलन में सुधार
महत्वपूर्ण तथ्य: भारत ने 2021 में BRICS की अध्यक्षता की थी और "BRICS@15" थीम के तहत कई महत्वपूर्ण पहल की थीं।
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💡 निष्कर्ष
BRICS वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति में विकासशील देशों की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। यह संगठन न केवल आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देता है, बल्कि एक न्यायसंगत और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में भी काम कर रहा है। भारत के लिए BRICS एक महत्वपूर्ण मंच है जहां वह अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत कर सकता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए BRICS से जुड़े तथ्य, सदस्य देश, NDB की जानकारी और वर्तमान घटनाक्रम को समझना आवश्यक है। यह विषय न केवल सामान्य ज्ञान बल्कि करंट अफेयर्स के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।